Short Essay on 'Dhanteras' in Hindi | 'Dhanteras' par Nibandh (190 Words)

धनतेरस

'धनतेरस' का पर्व हिन्दू कैलेण्डर के अनुसार कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है। यह हिन्दुओं का प्रसिद्द त्यौहार है तथा इसी दिन से दीवाली के त्यौहार का प्रारंभ हो जाता है।

प्रचलित कथा के अनुसार इस दिन समुद्र मंथन से आयुर्वेद के जनक भगवान् धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। उन्होंने देवताओं को अमृतपान कराकर अमर कर दिया था। अतः वर्तमान सन्दर्भ में भी आयु और स्वस्थता की कामना हेतु धनतेरस पर भगवान् धन्वंतरि का पूजन किया जाता है। धनतेरस से ही तीन दिन तक चलने वाला गोत्रिरात्र व्रत भी शुरू होता है।

धनतेरस के दिन भगवान् धन्वंतरि का पूजन किया जाता है। सायंकाल दीपक जलाकर घर, दुकान आदि को सजाते हैं। मंदिर, गौशाला, नदी के घाट, कुआं, तालाब एवं बगीचे में भी दीपक लगाते हैं। यथाशक्ति ताम्बे, पीतल, चांदी के गृह-उपयोगी नवीन बर्तन व आभूषण खरीदते हैं।

बदलते दौर के साथ लोगों की पसंद और जरूरत भी बदली है। इसलिए धनतेरस के दिन अब बर्तनों और आभूषणों के आलावा वाहन, मोबाइल आदि भी ख़रीदे जाने लगे हैं। वर्तमान समय में धनतेरस के दिन वाहन खरीदने का फैशन सा बन गया है। इस दिन लोग गाड़ी खरीदना शुभ मानते हैं। कई लोग इस दिन कम्पूटर और बिजली के उपकरण भी खरीदते हैं।

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