परशुराम जयंती

'परशुराम जयंती' हिंदुओं का एक प्रसिद्द त्यौहार है। यह पर्व हिंदू कैलेंडर के अनुसार वैशाख माह के शुक्ल पक्ष के तीसरे दिन (तृतीया) को मनाया जाता है। यह त्यौहार पूरे भारत में धूम-धाम से मनाया जाता है। अक्षय तृतीया का प्रसिद्द पर्व भी इसी दिन मनाया जाता है।


परशुराम ऋषि जमादग्नि और रेणुका के पुत्र थे। ऋषि जमादग्नि सप्तऋषि में से एक ऋषि थे। परशुराम भगवान विष्णु के छठे अवतार के रूप में अवतरित हुए थे। परशुराम दो शब्दों से मिलकर बना है, 'परशु' अर्थात कुल्हाड़ी एवं 'राम'। इस प्रकार परशुराम का अर्थ निकलता है- 'कुल्हाड़ी के साथ राम'।

परशुराम जयंती के दिन उपवास के साथ-साथ सर्वब्राह्मण का जुलूस एवं सत्संग आदि का आयोजन किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन किये गए पुण्य का प्रभाव कभी समाप्त नहीं होता। इस दिन शोभा यात्रा निकाली जाती हैं तथा जगह-जगह पूजा-अर्चना का आयोजन होता है।