Short Essay on 'Sparrow' in Hindi | 'Gauraiya' par Nibandh (240 Words)


गौरैया

'गौरैया' आकार में एक छोटा किन्तु आकर्षक पक्षी है। यह पक्षी भारत सहित सम्पूर्ण विश्व में पाया जाता है। गौरैया बहुत ही फुर्तीला पक्षी होता है। इसकी कई प्रजातियां पाई जाती हैं।

गौरैया के शरीर पर छोटे-छोटे पंख होते हैं। इसकी चोंच पीली और पैरों का रंग भूरा होता है। इसका शरीर हल्के भूरे-काले रंग का होता है। इनके गर्दन पर आमतौर पर काले रंग का धब्बा होता है।


नर गौरैया और मादा गौरैया दिखने में अलग होते हैं। नर गौरैया को चिड़ा और मादा गौरैया को चिड़ी या चिड़िया भी कहते हैं। नर गौरैया, मादा गौरैया की तुलना में दिखने में ज्यादा आकर्षक होते हैं।

गौरैया एक सर्वाहारी पक्षी है। यह बीज, अनाज, फल और कीड़े आदि सब कुछ खाता है। गौरैया सामान्यतया घर की छतों, इमारतों, पुलों और पेड़ के खोखले में अपने घोसले का निर्माण करती है। शहरी क्षेत्रों में यह पक्षी इंसानों के घरों में भी अपना घोसला बना लेते हैं।

गौरैया को सभी तरह का जलवायु पसंद है। इसका जीवनकाल 4 से 7 वर्ष का होता है। ये पक्षी आमतौर पर लगभग 24 मील प्रति घंटा की रफ़्तार से उड़ते हैं।
 


बहुत ही दुःख की बात है कि पर्यावरण प्रदूषण एवं अन्य कारणों से गौरैया की प्रजाति नष्ट हो रही है। धीरे-धीरे इस सुन्दर पक्षी की प्रजाति लुप्त होने लगी है। गौरैया के प्रति लोगों में जागरूकता फ़ैलाने तथा इसके संरक्षण के उद्देश्य से विश्व भर में प्रति वर्ष 20 मार्च को 'विश्व गौरैया दिवस' के रूप में मनाया जाता है| 


Close Menu