Short Essay on 'Holi- Festival of Colours' in Hindi | 'Holi- Rangon ka Tyohar' par Nibandh (290 Words)

Sunday, February 22, 2015

होली- रंगों का त्योहार

'होली' एक महत्वपूर्ण भारतीय त्योहार है। यह पर्व हिन्दू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। यह त्योहार मुख्य रूप से हिन्दू या भारतीय मूल के लोगों के साथ साथ भारत, नेपाल तथा विश्व के अन्य क्षेत्रों में मनाया जाता है।

होली के पर्व से अनेक कहानियाँ जुड़ी हुई हैं। इनमें से सबसे प्रसिद्द कहानी है प्रहलाद की। माना जाता है कि प्राचीन काल में हिरण्यकश्यप नाम का एक अत्यंत बलशाली असुर था। उसने अपने राज्य में ईश्वर का नाम लेने पर ही पाबंदी लगा दी थी। अपने पुत्र प्रहलाद की ईश्वर भक्ति से क्रुद्ध होकर हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका को आदेश दिया कि प्रहलाद को गोद में लेकर आग में बैठे। होलिका को वरदान प्राप्त था कि वह आग में भस्म नहीं हो सकती। हिरण्यकश्यप के आदेशानुसार आग में बैठने पर होलिका तो जल गई पर प्रहलाद बच गया। ईश्वर भक्त प्रहलाद की याद में इस दिन होली जलाई जाती है।

रंगों का त्योहार कहे जाना वाला यह पर्व पारंपरिक रूप से दो दिन मनाया जाता है। पहले दिन को होलिका जलायी जाती है, जिसे होलिका दहन भी कहते हैं। दूसरे दिन, जिसे धुरड्डी, धुलेंडी, धुरखेल या धूलिवंदन कहा जाता है, लोग एक-दूसरे पर रंग, अबीर-गुलाल इत्यादि फेंकते हैं, ढोल बजाकर होली के गीत गाये जाते हैं, और घर-घर जाकर लोगों को रंग लगाया जाता है।

ऐसा माना जाता है कि होली के दिन लोग पुरानी कटुता को भूल कर गले मिलते हैं और फिर से दोस्त बन जाते हैं। एक-दूसरे को रंगने और गाने-बजाने का दौर दोपहर तक चलता है। इसके बाद स्नान करके विश्राम करने के बाद नए कपडे पहन कर शाम को लोग एक-दूसरे के घर मिलने जाते हैं, गले मिलते हैं और गुझिया एवं मिठाइयाँ खाते हैं। 


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6 comments:

Unknown March 27, 2017 at 9:02 PM  

Nice essay.My sister is in 6th class it helped alot!!!!!!

Unknown November 23, 2017 at 7:01 PM  

Wow it is very helpful . thank you

Unknown January 19, 2018 at 6:04 PM  

Conclusion aur badiya hota to maja aa jata

Anonymous,  January 24, 2018 at 9:19 PM  

nice words

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