Short Article on 'Value of Time' in Hindi | 'Samay ka Mahattva' par Lekh (600 Words)

Friday, June 30, 2017

समय का महत्त्व

मनुष्य के जीवन में समय की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। वह व्यक्ति जो समय के महत्त्व को समझता है वही इसका सही उपयोग कर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहता है। परंतु दूसरी तरफ वे लोग जो समय की महत्ता की अनदेखी करते हैं अथवा समय का दुरुपयोग करते हैं वे जीवन पर्यन्त असफलता ही पाते हैं।

समय हम सभी के लिए अमूल्य है। समय धन से भी ज्यादा कीमती है, क्योंकि यदि धन को खर्च कर दिया जाए तो यह वापस प्राप्त किया जा सकता है किन्तु यदि हम एक बार समय को गंवा देते हैं, तो इसे वापस प्राप्त नहीं कर सकते हैं। इसलिए हमें कभी भी समय को बर्बाद नहीं करना चाहिए। हमें सकारात्मक ढंग से सही तरीके से समय का उपयोग करना चाहिए।

जो व्यक्ति समय का सदुपयोग नही करता उसका जीवन नष्ट हो जाता है। मानव की उन्नति में समय का सहयोग महत्त्वपूर्ण होता है। अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मनुष्य को समय के महत्त्व को जानकर उसका सदुपयोग करना चाहिए। समय अपनी गति से बढ़ता जाता है। वह किसी के लिए रुकता नही है। उसे रोकने की शक्ति भी किसी में नही है। वास्तव में समयानुसार आवश्यक तथा उचित कार्यों को संपन्न करना ही समय का सदुपयोग है।

विद्यार्थी जीवन में ही मनुष्य अपने भावी जीवन की तैयारी करता है। मानसिक तथा शारीरिक रूप से अपने को सक्षम बनाता है। जो व्यक्ति इस काल में समय का सदुपयोग न करके अन्य कार्यों में व्यस्त होता है वह आगे अपने गृहस्थ जीवन में असफल हो जाता है। उसका भावी जीवन कठिनाइयों का शिकार हो जाता है। वह शारीरिक दृष्टि से कमजोर पड़ जाता है। जो व्यक्ति इस काल में समय का सदुपयोग करता है, उसका भावी जीवन संकटहीन बनता है। वह उन्नति के मार्ग पर निरंतर बढ़ता जाता है। सफलता उसके चरण चूमने लगती है।

कितने ही महापुरुष महामानव होते चले गए परंतु समय फिर भी चलता रहा वह कभी नहीं रुका। जो लोग समय के साथ चलते हैं वे जीवन में अपने पदचिह्न छोड़ जाते हैं और सम्पूर्ण विश्व उनका अनुकरण करता है। परंतु वे सभी लोग जो समय के महत्त्व को नहीं समझ सके अथवा समय के साथ न चल सके वे लुप्त होते चले गए।

जीवन में समय के सदुपयोग के लिए इसके महत्त्व को समझने के अतिरिक्त यह भी आवश्यक है कि हम अपने कार्य की प्राथमिकताओं के आधार पर अपने समय को बुद्धिमत्ता से विभाजित कर लें ताकि कार्य की महत्ता के अनुसार हम अपने सभी कार्यो को उचित समय दे सकें। गाँधी जी अपने मिनट-मिनट के समय का हिसाब रखते थे, साथ-साथ वे कुछ समय आराम के लिए भी निकाल रखते थे। अत: उचित आराम को समय का दुरुपयोग नहीं कहा जा सकता।

समय चलायमान है। समय किसी का भी इंतजार नहीं करता है। हम सभी को समय के साथ-साथ चलना चाहिए। समय बिना किसी रुकावट के निरंतर चलता रहता है। यह कभी किसी की प्रतीक्षा नहीं करता है। इसलिए, हमें अपने जीवन में बिना किसी उद्देश्य और अर्थ के समय को व्यर्थ नहीं करना चाहिए। हमें हमेशा समय के अर्थ व महत्त्व को पूर्णतया समझना चाहिए और उसी के अनुसार सकारात्मक ढंग से इसका प्रयोग करना चाहिए।

जीवन में उन्नति की कुंजी समय का सदुपयोग ही है। वे ही लोग जीवन में सफल बनते है जो समय का ठीक उपयोग करते है। इनके जीवन में समन्वय होता है। उनका पारिवारिक जीवन सुख-शान्ति से विकसित होता है। उन्हें जीवन में शान्ति मिलती है और समाज में उनका आदर होता है। ये कहना अतिशयोक्ति न होगी कि वक्त और सागर की लहरें किसी की प्रतीक्षा नही करती। हमारा कर्तव्य है कि हम समय का पूरा-पूरा सही उपयोग करें।


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