स्वास्थ्य ही धन है

एक बड़ी पुरानी कहावत है - 'स्वास्थ्य ही धन है'। व्यक्ति के जीवन में स्वास्थ्य ही अधिक मूल्यवान होता है। जिस व्यक्ति का स्वास्थ्य अच्छा होता है उस व्यक्ति का मस्तिष्क, सोचने-समझने की क्षमता तथा कार्य के प्रति निष्ठा सही होती है और तभी वह व्यक्ति किसी भी कार्य को करने में सफलता प्राप्त कर पाता है।

स्वस्थ जीवन ही सफलता प्राप्त करने की कुंजी है। किन्तु अक्सर देखा जाता है कि कम उम्र में ही व्यक्ति न जाने कितनी बीमारियो से ग्रसित हो जाते है। इसका मुख्य कारण होता है व्यक्ति के जीवन में नियमित सही दिनचर्या का न होना। यदि हम अपनी नियमित दिनचर्या में प्राणायाम और योग और ध्यान को शामिल कर लें तो हमारा स्वास्थ्य बेहतर हो सकता है।

जीवन में स्वास्थ्य ही अनमोल धन है। शारीरिक रूप से स्वस्थ्य व्यक्ति ही जीवन के विभिन्न क्षेत्रो में सफलता अर्जित कर सकते है। स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का निवास होता है। व्यक्ति की सबसे बड़ी दौलत उसका शरीर और उसका स्वास्थ्य होता है। जीवन में स्वास्थ्य का मूल्य समझ कर ही विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना की गई थी। अतः प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के प्रति सदैव सजग रहना चाहिए।