Saturday, June 29, 2013

Short Essay on 'World Cup- 2011' in Hindi | 'Vishwa Cup- 2011' par Nibandh (200 Words)

विश्व कप 2011

2011, 2 अप्रैल वह दिन था जब एशिया की दो टीमें श्रीलंका और भारत अपने लक्ष्य तक पहुँचने के लिए मैदान में उतरी थीं। यह मैच भारत के मैदान में खेल जाना था, इसलिए भारतीय खिलाड़ियों का हौसला विपक्षी टीम के मुकाबले कई गुना अधिक था।

वानखेड़े स्टेडियम में दोनों टीमों के कप्तान अपनी-अपनी टीम के साथ मैदान में उतरे। टॉस जीतकर श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करने का निश्चय किया। श्रीलंका की शुरुआत अच्छी नहीं रही लेकिन फिर भी श्रीलंका की टीम ने अपने आप को सँभालते हुए 50 ओवर में 279 रन बनाकर पारी समाप्त की।

अब भारत को जीत के लिए 280 रनों की आवश्यकता थी। भारत की भी शुरुआत बहुत ख़राब थी। पहले ओवर में सहवाग और दूसरे ओवर में सचिन जैसे खिलाड़ी आउट हो गए। भारत के लिए यह स्थिति चिंताजनक थी। गौतम गंभीर और विराट कोहली ने स्थिति को संभाला। विराट कोहली के आउट होने पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी मैदान में आये। गौतम गंभीर और धोनी ने मिलकर भारतीय टीम को इस संकट से बाहर निकाला। धोनी ने तेज़ी से रन बटोरते हुए 48वें ओवर में लगातार दो चौके मारकर भारत की जीत पक्की कर दी और इसके बाद वाले ओवर में छक्का मारकर भारतीय टीम को विजय दिलाई।

भारत ने विश्व कप का यह ख़िताब 28 सालों बाद जीता था। इस मैच को देखकर सभी भारतीय भावुक हो उठे और सभी की आँखों में खुशी के आंसू दिखाई दे रहे थे। यही स्थिति भारतीय खिलाड़ियों की भी थी। इस कामयाबी को हम भारतवासी सदैव याद रखेंगे।

'Jana-Gana-Mana' in Hindi | 'Jana-Gana-Mana' par Nibandh (100 Words)

जन-गण-मन

'जन-गण-मन' भारत का राष्ट्रगान है। यह मूल रूप में रबिन्द्रनाथ टैगोर द्वारा बंगाली भाषा में लिखा गया था। जन-गण-मन का हिंदी अनुवाद संविधान सभा द्वारा भारत के राष्ट्र गान के रूप में 24 जनवरी 1950 को अंगीकृत किया गया।

'जन-गण-मन' प्रथम बार 27 दिसंबर 1911 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में गाया गया। जन-गण-मन के पूर्ण गीत में 5 छंद हैं। प्रथम छंद में राष्ट्र गान का पूर्ण संस्करण समाहित है। राष्ट्र गान के पूर्ण संस्करण को पूर्ण करने का समय 52 सेकंड होता है।

भारत का राष्ट्रगान निम्न है:
"जन गण मन अधिनायक जय हे
भारत भाग्यविधाता
पंजाब सिन्धु गुजरात मराठा
द्राविड़ उत्कल बंगा
विन्ध्य हिमाचल यमुना गंगा
उच्छल जलधि तरंगा
तव शुभ नामे जागे
तव शुभ आशीष मागे
गाहे तव जयगाथा
जन गण मंगलदायक जय हे
भारत भाग्यविधाता
जय हे, जय हे, जय हे
जय जय जय जय हे!"

Friday, June 28, 2013

Short Essay on 'National Anthem of India' in Hindi | 'Bharat ka Rashtra-Gaan' par Nibandh (100 Words)


भारत का राष्ट्रगान

'भारत का राष्ट्रगान' जन-गण-मन है। यह मूल रूप में रबिन्द्रनाथ टैगोर द्वारा बंगाली भाषा में लिखा गया था। जन-गण-मन का हिंदी अनुवाद संविधान सभा द्वारा भारत के राष्ट्र गान के रूप में 24 जनवरी 1950 को अंगीकृत किया गया।

'जन-गण-मन' प्रथम बार 27 दिसंबर 1911 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में गाया गया। जन-गण-मन के पूर्ण गीत में 5 छंद हैं। प्रथम छंद में राष्ट्र गान का पूर्ण संस्करण समाहित है। राष्ट्र गान के पूर्ण संस्करण को पूर्ण करने का समय 52 सेकंड होता है।

भारत का राष्ट्रगान निम्न है:
"जन गण मन अधिनायक जय हे
भारत भाग्यविधाता
पंजाब सिन्धु गुजरात मराठा
द्राविड़ उत्कल बंगा
विन्ध्य हिमाचल यमुना गंगा
उच्छल जलधि तरंगा
तव शुभ नामे जागे
तव शुभ आशीष मागे
गाहे तव जयगाथा
जन गण मंगलदायक जय हे
भारत भाग्यविधाता
जय हे, जय हे, जय हे
जय जय जय जय हे!"

'Vande Matram' in Hindi | 'Vande Matram' par Nibandh (100 Words)

वन्दे मातरम्

'बन्दे मातरम्' भारत का राष्ट्रीय गीत है। इस गीत की रचना बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा संस्कृत में की गई थी। इसे भारत के राष्ट्रीय गान जन-गण-मन के बराबर का दर्जा प्राप्त है। वन्दे मातरम प्रथम बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 1896 के सत्र में गाया गया था।

'वन्दे मातरम' गीत के प्रथम छंद के शब्द इस प्रकार हैं:
"वन्दे मातरम्!
सुजलां सुफलां, मलयज शीतलाम्,
शस्यशामलां मातरम्
शुभ्रज्योत्स्ना पुलकितयामिनीं,
फुल्लकुसुमित द्रुमदल शोभिनीं,
सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं,
सुखदां वरदां मातरम् ।। १ ।।"

Short Essay on 'Banyan Tree' in Hindi | 'Bargad ka Vriksh' par Nibandh (80 Words)


बरगद का वृक्ष

'बरगद' भारत का राष्ट्रीय वृक्ष है। इसे कई बार भारतीय बरगद के रूप में भी जाना जाता है। इसे 'वट' वृक्ष के नाम से भी जाना जाता है।

बरगद का पेड़ अपनी टहनियों से लटकती जड़ों के कारण अति शीघ्र विशालकाय हो जाता है। बरगद के पेड़ की पत्तियां बड़ी एवं हरे रंग की होती हैं।


भारत में बरगद के पेड़ को पवित्र माना जाता है। हिन्दू धर्म में इस वृक्ष की विशेष मान्यता है तथा इसकी पूजा की जाती है।

Short Essay on 'Lotus' in Hindi | 'Kamal' par Nibandh (100 Words)


कमल

'कमल' भारत का राष्ट्रीय फूल है। इसे वैज्ञानिक रूप से 'Nelumbo Nucifera' के नाम से जानते हैं। यह एक पवित्र फूल के रूप में जाना जाता है। प्राचीन भारत की कला में इसको बखूबी प्रयोग किया गया है। कमल अति प्राचीन समय से ही भारतीय संस्कृति का प्रतीक रहा है।

कमल दो रंगों में पाया जाता है: सफ़ेद एवं गुलाबी। यह तालाबों, पोखरों एवं कीचड़ भरी जगहों में पाया जाता है। इसकी सुन्दरता मनमोहनी होती है जिसे देखकर ही कहावत का प्रयोग होता है कि 'कीचड़ में भी कमल खिलता है'। हिन्दू मान्यता के अनुसार कमल धन की देवी लक्ष्मी का सिंहासन है।


Thursday, June 27, 2013

Short Essay on 'National Song of India' In Hindi | 'Bharat ka Rashtriya Geet' par Nibandh (100 Words)


भारत का राष्ट्रीय गीत

'भारत का राष्ट्रीय गीत' बन्दे मातरम् है। इस गीत की रचना बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा संस्कृत में की गई थी। इसे भारत के राष्ट्रीय गान जन-गण-मन के बराबर का दर्जा प्राप्त है। वन्दे मातरम प्रथम बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 1896 के सत्र में गाया गया था।

'वन्दे मातरम' गीत के प्रथम छंद के शब्द इस प्रकार हैं:
"वन्दे मातरम्!
सुजलां सुफलां, मलयज शीतलाम्,
शस्यशामलां मातरम्
शुभ्रज्योत्स्ना पुलकितयामिनीं,
फुल्लकुसुमित द्रुमदल शोभिनीं,
सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं,
सुखदां वरदां मातरम् ।। १ ।।
वन्दे मातरम्!"

Short Essay on 'National Tree of India' in Hindi | 'Bharat ka Rashtriya Vriksh' par Nibandh (80 Words)


भारत का राष्ट्रीय वृक्ष

'भारत का राष्ट्रीय वृक्ष' बरगद है। इसे कई बार भारतीय बरगद के रूप में भी जाना जाता है। इसे 'वट' वृक्ष के नाम से भी जाना जाता है।

बरगद का पेड़ अपनी टहनियों से लटकती जड़ों के कारण अति शीघ्र विशालकाय हो जाता है। बरगद के पेड़ की पत्तियां बड़ी एवं हरे रंग की होती हैं।


भारत में बरगद के पेड़ को पवित्र माना जाता है। हिन्दू धर्म में इस वृक्ष की विशेष मान्यता है तथा इसकी पूजा की जाती है।


Short Essay on 'National Flower of India' In Hindi | 'Bharat ka Rashtriiya Phool' par Nibandh (100 Words)


भारत का राष्ट्रीय फूल

'भारत का राष्ट्रीय फूल' कमल है। इसे वैज्ञानिक रूप से 'Nelumbo Nucifera' के नाम से जानते हैं। यह एक पवित्र फूल के रूप में जाना जाता है। प्राचीन भारत की कला में इसको बखूबी प्रयोग किया गया है। कमल अति प्राचीन समय से ही भारतीय संस्कृति का प्रतीक रहा है।

कमल दो रंगों में पाया जाता है: सफ़ेद एवं गुलाबी। यह तालाबों, पोखरों एवं कीचड़ भरी जगहों में पाया जाता है। इसकी सुन्दरता मनमोहनी होती है जिसे देखकर ही कहावत का प्रयोग होता है की 'कीचड़ में भी कमल खिलता है'। हिन्दू मान्यता के अनुसार कमल धन की देवी लक्ष्मी का सिंहासन है।


Tuesday, June 25, 2013

Short Essay on 'Child Labour in India' in Hindi | 'Bharat men Bal Shram' par Nibandh (300 Words)

भारत में बाल-श्रम

भारतवर्ष में प्रारंभ से ही बच्चों को ईश्वर का रूप माना जाता है। ईश्वर के बाल रूप यथा 'बाल गणेश', 'बाल गोपाल', 'बाल कृष्णा', 'बाल हनुमान' आदि इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। भारत की धरती ध्रुव, प्रह्लाद, लव-कुश एवं अभिमन्यु जैसे बाल चरित्रों से पटी हुई है।

आज की तस्वीर इससे बिलकुल अलग है। बच्चों का वर्तमान दृश्य इससे भिन्न है। बच्चों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। गरीब बच्चे सबसे अधिक शोषण का शिकार हो रहे हैं। गरीब बच्चियों का जीवन भी अत्यधिक शोषित है। छोटे-छोटे गरीब बच्चे स्कूल छोड़कर बाल-श्रम हेतु मजबूर हैं।

बाल-श्रम, मानवाधिकार का खुला उल्लंघन है। यह बच्चों के मानसिक, शारीरिक, आत्मिक, बौद्धिक एवं सामाजिक हितों को प्रभावित करता है। बच्चे आज के परिवेश में घरेलू नौकर का कार्य कर रहे हैं। वे होटलों, कारखानों, सेवा-केन्द्रों, दुकानों आदि में कार्य कर रहे हैं, जिससे उनका बचपन पूर्णतया प्रभावित हो रहा है।

भारत के संविधान, 1950 का अनुच्छेद 24 स्पष्ट करता है कि 14 वर्ष से कम उम्र के किसी भी बच्चे को ऐसे कार्य या कारखाने इत्यादि में न रखा जाये जो खतरनाक हो। कारखाना अधिनियम, बाल अधिनियम, बाल श्रम निरोधक अधिनियम आदि भी बच्चों के अधिकार को सुरक्षा देते हैं किन्तु इसके विपरीत आज की स्थिति बिलकुल भिन्न है।

पिछले कुछ वर्षों से भारत सरकार एवं राज्य सरकारों की पहल इस दिशा में सराहनीय है। उनके द्वारा बच्चों के उत्थान के लिए अनेक योजनाओं का प्रारंभ किया गया हैं, जिससे बच्चों के जीवन व शिक्षा पर सकारात्मक प्रभाव दिखे। शिक्षा का अधिकार भी इस दिशा में एक सराहनीय कार्य है। इसके बावजूद बाल-श्रम की समस्या अभी भी एक विकट समस्या के रूप में विराजमान है।

इसमें कोई शक नहीं कि बाल-श्रम की समस्या किसी भी देश व समाज के लिए घातक है। बाल-श्रम पर पूर्णतया रोक लगनी चाहिए। बाल-श्रम की समस्या जड़ से समाप्त होना अति आवश्यक है।


'Donate Blood, Save Life' in Hindi | 'Rakt Dan, Jivan Dan' par Nibandh (150 Words)

रक्त दान, जीवन दान

'रक्त दान करें, जीवन दान करें। प्रत्येक रक्तदान जीवन का उपहार है। रक्तदान कर किसी व्यक्ति को जीवन का उपहार दिया जा सकता है।

स्वैच्छिक रक्तदान से प्राप्त रक्त ही सबसे सुरक्षित होता है। गर्भवती माताओं एवं अन्य गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों हीमोफीलिया/ थैलीसीमिया जैसे रोग से ग्रसित बच्चों को रक्तदान के माध्यम से नवजीवन दिया जा सकता है। जन-मानस में अभी भी रक्तदान को लेकर कई भ्रांतियां व्याप्त हैं जबकि विशेषज्ञों की राय में 18 वर्ष से 65 वर्ष तक का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति जिसका वजन 45 किलोग्राम से अधिक हो, तीन माह के अन्तराल पर रक्तदान कर सकता है।

विश्व रक्तदाता दिवस प्रत्येक वर्ष 14 जून को सम्पूर्ण विश्व में मनाया जाता है। वर्ष 2004 में स्थापित यह दिवस समाज में रक्तदान के बढ़ते महत्त्व के प्रति जागृति एवं सजगता पैदा करने के अभिप्राय से मनाया जाता है। विश्व रक्तदाता दिवस के दिन विभिन्न सामाजिक संगठनों के द्वारा अनेक आयोजन एवं गोष्ठिया आयोजित की जाती हैं तथा सरकारी सोसाइटी एवं सामाजिक संगठनों द्वारा नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं को सम्मान दिया जाता है।


Short Essay on 'Hockey' in Hindi | 'Hockey' par Nibandh (100 Words)


हॉकी

'हॉकी', भारत का राष्ट्रीय खेल है। हॉकी एक खेल होता है जिसमें दो टीम एक-दूसरे के विरुद्ध खेलती हैं एवं हॉकी स्टिक की मदद से विरोधी के खेमे में गेंद गोल में डालकर गोल करने का प्रयास करती हैं। हॉकी के वर्तमान में अनेक प्रकार हैं, यथा- फील्ड हॉकी, आइस हॉकी, रोलर हॉकी, स्लेज हॉकी और स्ट्रीट हॉकी।

भारत में हॉकी का खेल बहुत पुराना एवं प्रिय है। ओलंपिक खेलों में हॉकी में भारत का गौरवपूर्ण स्थान रहा है। 1928 से 1956 तक का समय भारतीय हॉकी के लिहाज से स्वर्णिम रहा है। इस दौरान भारत ने 6 स्वर्ण पदक लगातार हॉकी स्पर्धा में प्राप्त किये।

Short Essay on 'Mango' in Hindi | 'Aam' par Nibandh (100 Words)


आम

'आम', भारत का राष्ट्रीय फल है। यह एक गूदेदार फल होता है जो वैज्ञानिक दृष्टि से मैग्नीफेरा नामक प्रजाति से सम्बन्धित है। आम में विटामिन ए, सी एवं डी होता है, इसीलिए इसे 'फलों का राजा' भी कहते हैं।

भारत में आम की सौ से भी अधिक किस्म (विविधता) उपलब्ध हैं। आम विभिन्न रंगों, आकार एवं आकृति के होते हैं। इसकी पैदावार भारत में अति प्राचीन समय से होती आयी है। लोग आम को काटकर, चूसकर खाते हैं, आचार के रूप में प्रयोग करते हैं। आम को चटनी एवं अन्य तरीकों से भी प्रयोग किया जाता है।


Friday, June 14, 2013

Short Essay on 'National Fruit of India' In Hindi | 'Bharat ka Rashtriya Phal' par Nibandh (100 Words)


भारत का राष्ट्रीय फल

'भारत का राष्ट्रीय फल' आम है। यह एक गूदेदार फल होता है जो वैज्ञानिक दृष्टि से मैग्नीफेरा नामक प्रजाति से सम्बन्धित है। आम में विटामिन ए, सी एवं डी होता है, इसीलिए इसे 'फलों का राजा' भी कहते हैं।

भारत में आम की सौ से भी अधिक किस्म (विविधता) उपलब्ध हैं। आम विभिन्न रंगों, आकार एवं आकृति के होते हैं। इसकी पैदावार भारत में अति प्राचीन समय से होती आयी है। लोग आम को काटकर, चूसकर खाते हैं, आचार के रूप में प्रयोग करते हैं। आम को चटनी एवं अन्य तरीकों से भी प्रयोग किया जाता है।


'World Blood Donor Day: 14 June' in Hindi | 'Vishwa Raktdata Diwas' par Nibandh (150 Words)


विश्व रक्त दाता दिवस

'विश्व रक्तदाता दिवस' प्रत्येक वर्ष 14 जून को सम्पूर्ण विश्व में मनाया जाता है। वर्ष 2004 में स्थापित यह दिवस समाज में रक्तदान के बढ़ते महत्त्व के प्रति जागृति एवं सजगता पैदा करने के अभिप्राय से मनाया जाता है। प्रत्येक रक्तदान जीवन का उपहार है। रक्तदान कर किसी व्यक्ति को जीवन का उपहार दिया जा सकता है।

स्वैच्छिक रक्तदान से प्राप्त रक्त ही सबसे सुरक्षित होता है। गर्भवती माताओं एवं अन्य गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों हीमोफीलिया/ थैलीसीमिया जैसे रोग से ग्रसित बच्चों को रक्तदान के माध्यम से नवजीवन दिया जा सकता है। जन-मानस में अभी भी रक्तदान को लेकर कई भ्रांतियां व्याप्त हैं जबकि विशेषज्ञों की राय में 18 वर्ष से 65 वर्ष तक का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति जिसका वजन 45 किलोग्राम से अधिक हो, तीन माह के अन्तराल पर रक्तदान कर सकता है।

विश्व रक्तदाता दिवस के दिन विभिन्न सामाजिक संगठनों के द्वारा अनेक आयोजन एवं गोष्ठिया आयोजित की जाती हैं तथा सरकारी सोसाइटी एवं सामाजिक संगठनों द्वारा नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं को सम्मान दिया जाता है।


Wednesday, June 12, 2013

Short Essay on 'National Sport of India' in Hindi | 'Bharat ka Rashtriya Khel' par Nibandh (100 Words)


भारत का राष्ट्रीय खेल

'भारत का राष्ट्रीय खेल' हॉकी है। हॉकी एक खेल होता है जिसमें दो टीम एक-दूसरे के विरुद्ध खेलती हैं एवं हॉकी स्टिक की मदद से विरोधी के खेमे में गेंद गोल में डालकर गोल करने का प्रयास करती हैं। हॉकी के वर्तमान में अनेक प्रकार हैं, यथा- फील्ड हॉकी, आइस हॉकी, रोलर हॉकी, स्लेज हॉकी और स्ट्रीट हॉकी।

भारत में हॉकी का खेल बहुत पुराना एवं प्रिय है। विश्व के ओलंपिक खेलों में हॉकी में भारत का प्रभावी स्थान रहा है। 1928 से 1956 तक का समय भारतीय हॉकी के लिहाज से स्वर्णिम रहा है। इस दौरान भारत ने 6 स्वर्ण पदक लगातार हॉकी स्पर्धा में प्राप्त किये।


'World Anti Child Labour Day: 12 June' in Hindi | ' World Day against Child Labour' | 'Vishwa Bal Shram Nishedh Diwas' par Nibandh (150 Words)


विश्व बाल श्रम निषेध दिवस

'विश्व बाल श्रम निषेध दिवस' प्रति वर्ष दिनांक 12 जून को सम्पूर्ण विश्व में मनाया जाता है। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस को मनाने का अभिप्राय पूरे विश्व को बाल श्रम के विरुद्ध जागृत करना एवं बच्चों को बाल मजदूरी से बचाना है। अंतर्राष्ट्रीय मजदूर संगठन द्वारा सर्वप्रथम 2002 में इस दिवस को सृजित किया गया और तब से यह प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है।

बाल श्रम की धारणा तथा परिभाषा चाहे अंतर्राष्ट्रीय हो या भारतीय ढांचागत कार्य में विद्यमान वैधानिक और नीतिगत दस्तावेजों के अधिकार में बदलाव एवं परिवर्तन है। बाल श्रम समाज की भीषणतम बुराइयों में से एक है तथा किसी भी देश के लिए अभिशाप है।

विश्व के करोड़ों लड़के व लड़कियां समाज की इस बुराई से ग्रसित हैं जिनके प्रति समाज को जागृत करने हेतु विश्व बाल श्रम निषेध दिवस मनाया जाता है। इस दिन सरकार एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न प्रकार की संगोष्ठियाँ एवं कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं।


Monday, June 10, 2013

Short Essay on 'Tiranga' in Hindi | 'Tiranga' par Nibandh (130 Words)

तिरंगा

'तिरंगा' भारत का राष्ट्रीय ध्वज है। इसमें सबसे ऊपर केसरिया, बीच में सफ़ेद व सबसे नीचे हरा रंग है। सभी रंग बराबर अनुपात में हैं। सफ़ेद रंग की पट्टी पर झंडे के मध्य में नीले रंग का चक्र है जिसमें 24 तीलियाँ हैं।

केसरिया रंग देश की ताकत एवं साहस का परिचायक है। बीच में सफ़ेद रंग की पट्टी शांति एवं सत्यता को दर्शाती है। हरे रंग की पट्टी धरती की उर्वरता, विकास एवं पवित्रता की परिचायक है। चक्र इस बात को दर्शित करता है कि जीवन गतिमान है जबकि मृत्यु निश्चलता का नाम है। झंडे की लंबाई व चौड़ाई का अनुपात 3:2 है। चक्र का व्यास सफ़ेद पट्टी की चौड़ाई के लगभग बराबर होता है।

भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के रूप में तिरंगे को भारत की संविधानकारी सभा द्वारा 22 जुलाई 1947 को अंगीकृत किया गया था।


Short Essay on 'National Animal of India' in Hindi | 'Bharat ka Rashtriiya Pashu' par Nibandh (100 Words)


भारत का राष्ट्रीय पशु

'भारत का राष्ट्रीय पशु' बाघ है। इसका शरीर काफी मजबूत होता है। बाघ का रंग पीला/ हल्का भूरा होता है जिस पर काली धारियां होती हैं। इसकी पूंछ लम्बी होती है। इसके चार पैर होते हैं। इसके दांत बड़े एवं पैने होते हैं। इसके पंजों में नुकीले नाख़ून होते हैं।

बाघ बिल्ली के परिवार से सम्बद्ध होता है। यह एक बहुत बड़ी बिल्ली की भांति दिखता है। बाघ सामान्यतया जंगल में पाया जाता है। इसको खून व मांस बहुत पसंद है। यह बहुत ही हिंसक एवं क्रूर जानवर होता है।

भारत में बाघ का शिकार भारत सरकार द्वारा पूर्णतया प्रतिबंधित कर दिया गया है। हम बाघ को चिड़ियाघर एवं सर्कस में देख सकते हैं।


Short Essay on 'National Bird of India' in Hindi | 'Bharat ka Rashtriiya Pakshi' par Nibandh (120 Words)


भारत का राष्ट्रीय पक्षी

'भारत का राष्ट्रीय पक्षी' मोर है। यह एक बड़ा पक्षी है एवं इसके आकर्षक रंगीन पंख काफी लम्बे होते हैं। मोर के सर पर मुकुट जैसी खूबसूरत कलंगी होती है। इसकी लम्बी गर्दन पर सुन्दर नीला मखमली रंग होता है। यह भारत के सभी क्षेत्रों में पाया जाता है।

मोर नुकसानदायक कीट-पतंगों को खाता है और इसलिए यह किसानों का अच्छा मित्र होता है। मोर शब्द पुल्लिंग है तथा स्त्रीलिंग को मोरनी कहते हैं। मोर का नृत्य बहुत प्रसिद्द है। मयूर नृत्य समूह में किया जाता है। नृत्य के समय मोर अपने पंख फैला कर बडा सुन्दर मगर धीमी गति का नृत्य करता है।

मोर का शिकार भारत में पूर्णतया प्रतिबंधित है। इसे भारतीय वन्य-जीवन (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत पूर्ण संरक्षण दिया गया है।


Short Essay on 'National Flag of India' in Hindi | 'Bharat ka Rashtriiya Dhwaj' par Nibandh (130 Words)


भारत का राष्ट्रीय ध्वज

'भारत का राष्ट्रीय ध्वज' तिरंगा है। इसमें सबसे ऊपर केसरिया, बीच में सफ़ेद व सबसे नीचे हरा रंग है। सभी रंग बराबर अनुपात में हैं। सफ़ेद रंग की पट्टी पर झंडे के मध्य में नीले रंग का चक्र है जिसमें 24 तीलियाँ हैं।

केसरिया रंग देश की ताकत एवं साहस का परिचायक है। बीच में सफ़ेद रंग की पट्टी शांति एवं सत्यता को दर्शाती है। हरे रंग की पट्टी धरती की उर्वरता, विकास एवं पवित्रता की परिचायक है।


चक्र इस बात को दर्शित करता है कि जीवन गतिमान है जबकि मृत्यु निश्चलता का नाम है। झंडे की लंबाई व चौड़ाई का अनुपात 3:2 है। चक्र का व्यास सफ़ेद पट्टी की चौड़ाई के लगभग बराबर होता है।

भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के वर्तमान रूप को भारत की संविधानकारी सभा द्वारा 22 जुलाई 1947 को अंगीकृत किया गया था।


Sunday, June 9, 2013

Short Essay on 'Peacock' in Hindi | 'Mor' par Nibandh (120 Words)


मोर

'मोर' भारत का राष्ट्रीय पक्षी है। यह एक बड़ा पक्षी है एवं इसके आकर्षक रंगीन पंख काफी लम्बे होते हैं। मोर के सर पर मुकुट जैसी खूबसूरत कलंगी होती है। इसकी लम्बी गर्दन पर सुन्दर नीला मखमली रंग होता है। यह भारत के सभी क्षेत्रों में पाया जाता है।


मोर नुकसानदायक कीट-पतंगों को खाता है और इसलिए यह किसानों का अच्छा मित्र होता है। मोर शब्द पुल्लिंग है तथा स्त्रीलिंग को मोरनी कहते हैं। मोर का नृत्य बहुत प्रसिद्द है। मयूर नृत्य समूह में किया जाता है। नृत्य के समय मोर अपने पंख फैला कर बडा सुन्दर मगर धीमी गति का नृत्य करता है।

मोर का शिकार भारत में पूर्णतया प्रतिबंधित है। इसे भारतीय वन्य-जीवन (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत पूर्ण संरक्षण दिया गया है।

Short Essay on 'Vat Savitri Vrat' in Hindi | 'Vat Savitri Vrat' par Nibandh (150 Words)


वट सावित्री व्रत

'वट सावित्री व्रत' हिन्दुओं का प्रसिद्द त्यौहार है। यह हिन्दू कैलेण्डर के अनुसार ज्येष्ठ माह की अमावस्या को मनाया जाता है। परम्परा व संस्कृति की मान्यताओं के अनुरूप इस दिन वट सावित्री व्रत रखते हुए सुहागिनें (विवाहित महिलायें) पति के दीर्घायु होने की कामना करती हैं।

वट सावित्री व्रत के दिन वट वृक्ष (बरगद के पेड़) की परिक्रमा कर सुहागिनों द्वारा कच्चा धागा बाँधा जाता है।


वृक्ष के चक्कर लगाकर सुहागिनें आटे के बने बरगद चढ़ाती हैं, हल्दी, दही व सिंदूर चढ़ाकर पूजा-अर्चना करती हैं एवं हवन करती हैं। सोलह श्रृंगार किये महिलाओं के समूह मंदिरों के पास और पार्कों में लगे बरगद के वृक्ष के पास पूजा-अर्चना करती है एवं पति की दीर्घायु की कामना करती हैं।

लोकाचार के चलते मान्यता है कि बरगद की तरह ही हमारा परिवार बढ़े और हरा-भरा रहे जिससे उसकी छाँव में लोग आराम का एहसास करें, इसीलिए बरगद की परिक्रमा की जाती है।
 

Friday, June 7, 2013

Short Essay on 'Tiger' in Hindi | 'Bagh' par Nibandh (100 Words)


बाघ

'बाघ' भारत का राष्ट्रीय पशु है। इसका शरीर काफी मजबूत होता है। बाघ का रंग पीला/ हल्का भूरा होता है जिस पर काली धारियां होती हैं। इसकी पूंछ लम्बी होती है। इसके चार पैर होते हैं। इसके दांत बड़े एवं पैने होते हैं। इसके पंजों में नुकीले नाख़ून होते हैं।


बाघ बिल्ली के परिवार से सम्बद्ध होता है। यह एक बहुत बड़ी बिल्ली की भांति दिखता है। बाघ सामान्यतया जंगल में पाया जाता है। इसको खून व मांस बहुत पसंद है। यह बहुत ही हिंसक एवं क्रूर जानवर होता है।

भारत में बाघ का शिकार भारत सरकार द्वारा पूर्णतया प्रतिबंधित कर दिया गया है। हम बाघ को चिड़ियाघर एवं सर्कस में देख सकते हैं।

Short Essay on 'Lion' in Hindi | 'Sher' par Nibandh (100 Words)


शेर

'शेर' एक जंगली जानवर है। इसका शरीर बहुत मजबूत होता है। इसके चार पैर होते हैं। इसका सिर बड़ा होता है। इसकी आँखें देखने में चमकदार दिखती हैं। इसके जबड़े मजबूत एवं दांत काफी पैने होते हैं। इसका शरीर छोटे स्लेटी/ भूरे रंग के बालों से ढंका रहता है।


शेर को 'जंगल का राजा' कहा जाता है। इसकी वाह्याकृति बहुत भव्य होती है। शेर मांस खाता है। यह काफी तेज दौड़ सकता है। शेर की दहाड़ (गर्जना) बहुत प्रसिद्द है। यह बहुत तेज दहाड़ता है। शेर जंगल में पाया जाता है। इसके पंजे काफी मजबूत होते हैं। शेर बाघ की तुलना में कम क्रूर होता है।

Short Essay on 'Camel' in Hindi | 'Oont' par Nibandh (100 Words)


ऊँट

'ऊँट' एक विशाल जानवर होता है। इसके एक बड़ा उभार होता है। इसके पैर बहुत लम्बे होते हैं। इसकी गर्दन लम्बी होती है। इसके पेट में एक बड़ी सी थैली होती है। ऊँट को 'रेगिस्तान का जहाज' भी कहा जाता है।

ऊँट एक बहुत उपयोगी जानवर होता है। यह बहुत वफादार होता है एवं अपने धैर्य के लिए प्रसिद्द है। यह रेगिस्तान में आसानी से चल एवं दौड़ सकता है।


ऊँट अपने शरीर के उभार में अधिक मात्रा में पानी एकत्र कर सकता है। जिस कारण यह काफी दिन तक बगैर पानी के रह सकता है। यह गाड़ी खींचने एवं बोझा उठाने के काम आता है। ऊँट का उपयोग कृषि कार्य एवं पानी खींचने में भी किया जाता है।


Thursday, June 6, 2013

Short Essay on 'Parrot' in Hindi | 'Tota' par Nibandh (100 Words)


तोता

'तोता' एक बहुत सुन्दर पक्षी है। इसके पंख हरे रंग के होते हैं। इसकी एक लाल रंग की चोंच होती है। इसकी चोंच मुड़ी हुई होती है। तोते की गरदन पर काले रंग के वृत्त होते हैं। कुल मिलाकर यह एक बेहद आकर्षक पक्षी होता है। यह दाने, फल, पत्ते, बीज, आम एवं उबले चावल इत्यादि खाता है।


तोता बोलने वाला पक्षी है। यह मनुष्य की आवाज़ बोल सकता है। यह लगभग सभी गर्म देशों में पाया जाता है। तोता सामान्यतया पेड़ों के बिल में रहता है। कुछ लोग इस पक्षी को छोटे पिंजरे में बंद कर रखते हैं जो कदापि उचित नहीं है। कुछ लोग तोते को अद्भुत चीजों के लिए प्रशिक्षित भी करते हैं।


Wednesday, June 5, 2013

Short Essay on 'Elephant' in Hindi | 'Hathi' par Nibandh (100 Words)


हाथी

'हाथी' एक विशाल जानवर होता है। इसकी ऊँचाई लगभग 10 फुट तक बढ़ती है। यह सामान्यतया गहरे रंग में पाया जाता है। इसकी खाल बहुत कठोर होती है। इसके एक लम्बी सूँड़ होती है। इसके दो बड़े कान व दो चमकीले दांत होते हैं। इसकी दो छोटी छोटी आँखें होती हैं एवं शरीर काफी विशालकाय होता है। इसके एक छोटी पूंछ व चार पैर होते हैं। हाथी सामान्यतया जंगलों में रहता है।


हाथी एक बहुत उपयोगी जानवर है। यह बहुत समझदार एवं आज्ञाकारी जानवर होता है। इसको विभिन्न कार्यों हेतु प्रशिक्षित किया जा सकता है। इसको अनेक कार्यों हेतु उपयोग किया जा सकता है। इसकी सूँड़ काफी उपयोगी होती है। अपनी सूँड़ की मदद से हाथी खाता-पीता है व भारी सामान उठाता है। पुराने समय में हाथी का उपयोग युद्ध में किया जाता था।

Short Essay on 'Dog' in Hindi | 'Kutta' par Nibandh (100 Words)


कुत्ता

'कुत्ता' एक पालतू जानवर है। यह चौपाया है। इसकी दो चमकदार आँखें होती हैं। इसके दो कान, नुकीले दांत व एक पूंछ होती है। कुत्ते कई किस्म के होते हैं। कुछ कुत्तों के शरीर में बड़े-बड़े बाल होते हैं। कुत्ते कई रंग के होते हैं। ये बिभिन्न आकार के भी होते हैं।


कुत्ता एक बहुत उपयोगी व वफादार जानवर होता है। कुत्ता पानी में तैर भी सकता है। यह विश्व में सभी जगह पाया जाता है। यह अपने मालिक को बहुत प्यार करता है व उसके प्रति बहुत वफादार होता है। यह चोरों से घर की सुरक्षा भी करता है। चोरों व अपराधियों को पकड़ने में भी पुलिस द्वारा कुत्तों की मदद ली जाती है।